इस भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में हम अपनी संस्कृति -सभ्यता सब कुछ भूलते जा रहे हों। ऐसा नहीं है की यह गलत है,में भी मानती हूँ कि आज के अत्यधुनिक युग में अपनी पुरानी परमपराओं को जकड़ के रखना असंभव है। मैने ,अभी तक ज़्यादा तो नहीं, पर छोटे- छोटे से संस्कार ही सीखे है,
जैसे -हाथ जोड़ कर प्रणाम करना (🙏), ज़मीन पर बैठकर खाना खाना (🍲),बड़ो के चरण सपर्श ,आदि।
जब मुझे मेरे बड़े बोलते थे कि 'बेटा हाथ जोड़ कर प्रणाम करो' तो सच बताऊँ!......में सोचा करती थी की क्या हम लोग भिकारी हैं ? क्यूंकि ऐसे तो वही लोग करते हैं। (😂)
अभी-अभी जब चीन में कोरोना वायरस ने अटैक किया तो हम भी अपनी फैमिली के साथ जा पहुंचे अपने हक़ीम जी के पास। (हा हा हा.......वो हक़ीम तो नहीं हैं पर मेरे दादा जी उन्हें वही बुलाते हैं - वो एक अच्छे जाने-माने डॉक्टर हैं )
खैर , अब बात आयी की वायरस से कैसे बचें ? में अचम्बित रह गयीं ये जानकर कि 'SHAKE HAND ' ,जिसे में सबसे ज़्यादा 'MODERN' होने का प्रमाण मानती हूँ , वही इस जानलेवा वायरस के फैलने की सबसे बड़ी वजह है! (😱)
यह सुनकर मुझे वो दादा जी की 'प्रणाम' सीखने की वजह समझ में आयी। यह INDIAN GESTURE ,आज पता चला ,कि कितना 'SCIENTIFICALLY ' 'LOGICAL' हैं !
आज मुझे इस बात को जानकर बहुत ख़ुशी मिली की हमारे देश की संस्कृति क कोई COMPARISON ही नहीं हैं, वही सबसे अमुल्य है।
आखिर मे में तहे दिल से अपने परिवार को धन्यवाद करती हूँ की उन्होंने मुझे अपने देश की बहुमूल्य संस्कृति से रूबरू कराया। 🙏

wonderful post.! good job.. keep rocking
ReplyDeletethank you
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